उत्तराखंड: ऊर्जा निगम में अधिकारी-कर्मचारियों के बिजली मीटर हुए प्रीपेड, बचत और राजस्व बढ़ाने की तैयारी

उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के स्मार्ट बिजली मीटरों को प्रीपेड मोड में बदलना शुरू कर दिया है। इस संबंध में निगम प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों को मोबाइल संदेश भेजकर जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने यूपीसीएल में समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए थे कि सभी सरकारी कार्यालयों और कर्मचारियों के आवासों में लगे स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में परिवर्तित किया जाए। निर्देशों के बाद अब इसकी शुरुआत कर दी गई है।
प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद बिजली मीटर रिचार्ज आधारित प्रणाली पर काम करेंगे। यानी जितना रिचार्ज होगा, उतनी ही बिजली उपलब्ध होगी। रिचार्ज समाप्त होने पर बिजली आपूर्ति भी बंद हो सकती है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बिजली बिल बकाया की समस्या कम होगी और राजस्व वसूली में सुधार आएगा।
यूपीसीएल के लिए सरकारी विभागों पर लंबित बिजली बिल लंबे समय से बड़ी चुनौती रहे हैं। कई विभागों में करोड़ों रुपये का बकाया जमा हो जाता है, जिसे वसूलने में कठिनाई आती है। प्रीपेड प्रणाली लागू होने से इस समस्या में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदेश में स्मार्ट मीटर योजना के तहत 16 लाख से अधिक घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। अब तक करीब तीन लाख मीटर लगाए जा चुके हैं। हालांकि आम उपभोक्ताओं के मीटर फिलहाल पोस्टपेड मोड में ही संचालित होते रहेंगे।



