लखनऊ: यूपी में 84 लाख स्मार्ट मीटर प्रीपेड से पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में लगाए गए 84 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों को फिर से पोस्टपेड मोड में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों और विरोध के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है।
ऊर्जा विभाग के अनुसार, अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह बिजली उपयोग के बाद मासिक बिल मिलेगा। मई 2026 में हुई बिजली खपत का बिल जून में जारी किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा स्मार्ट मीटर बदले नहीं जाएंगे, बल्कि सॉफ्टवेयर स्तर पर उन्हें पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाएगा।
नए सिस्टम के तहत हर महीने की 10 तारीख तक बिल जारी किया जाएगा और उपभोक्ताओं को SMS व WhatsApp के जरिए जानकारी भेजी जाएगी। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क या तकनीकी समस्या के कारण ऑटोमैटिक रीडिंग संभव नहीं होगी, वहां मैन्युअल मीटर रीडिंग की व्यवस्था की जाएगी।
सरकार ने बकाया बिजली बिल वाले उपभोक्ताओं को राहत देते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को 10 किस्तों में भुगतान की सुविधा देने का भी निर्णय लिया है। वहीं अन्य श्रेणी के उपभोक्ता तीन चरणों में बकाया राशि जमा कर सकेंगे।
बिजली विभाग ने 15 मई से 30 जून तक विशेष शिकायत निवारण शिविर लगाने का भी ऐलान किया है, जहां स्मार्ट मीटर, बिलिंग और तकनीकी समस्याओं से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा।


