देहरादून: ISRO ने किया धाराली बाढ़ का असली कारण उजागर, बादल फटना नहीं बल्कि आइस पैच ढहना बना वजह

देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धाराली क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन Indian Space Research Organisation (ISRO) ने बड़ा खुलासा किया है। वैज्ञानिकों की नई स्टडी में सामने आया है कि यह आपदा बादल फटने या ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) से नहीं, बल्कि श्रीकंठ ग्लेशियर के पास मौजूद एक बड़े आइस पैच के अचानक ढहने से हुई थी।
ISRO वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट डेटा, हाई-रेजोल्यूशन इमेजरी और डिजिटल एलिवेशन मॉडल का विश्लेषण कर पाया कि ग्लेशियर के निवेशन जोन में मौजूद बर्फ का बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिरा, जिससे भारी मात्रा में मलबा और पानी तेजी से नीचे की ओर बह निकला। इसी ने धाराली क्षेत्र में फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति पैदा की।
रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 69 लाख किलोग्राम बर्फ के ढहने से यह आपदा शुरू हुई। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ते तापमान और ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने के कारण इस तरह की नई क्रायो-हाइड्रोलॉजिकल आपदाओं का खतरा बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सैटेलाइट आधारित निगरानी प्रणाली और रियल टाइम ग्राउंड मॉनिटरिंग को मजबूत करना बेहद जरूरी होगा।



