पाकिस्तान में गहराया जल संकट, कराची में पानी की भारी किल्लत; सिंधु जल संधि विवाद पर बढ़ी चिंता

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में भीषण जल संकट गहराता जा रहा है। गर्मी के चरम मौसम के बीच शहर के कई इलाकों में पानी की भारी कमी देखी जा रही है, जिससे लाखों लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जल प्रबंधन की कमजोर व्यवस्था, बढ़ती आबादी और संसाधनों पर दबाव के साथ-साथ सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव ने भी चिंताओं को बढ़ा दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, कराची लंबे समय से पानी की कमी, वितरण व्यवस्था की खामियों और कथित ‘वॉटर माफिया’ जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। शहर की मांग के मुकाबले पानी की आपूर्ति काफी कम बताई जा रही है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
इस बीच सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बना गतिरोध भी चर्चा में है। पाकिस्तान में यह आशंका जताई जा रही है कि यदि जल सहयोग को लेकर स्थिति और जटिल होती है तो भविष्य में जल उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कराची की मौजूदा जल समस्या के पीछे स्थानीय प्रबंधन, बुनियादी ढांचे की कमी और वर्षों से चली आ रही जल आपूर्ति चुनौतियां भी प्रमुख कारण हैं।
सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। देश की बड़ी आबादी और अधिकांश कृषि क्षेत्र इसी जल प्रणाली पर निर्भर हैं। ऐसे में जल सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पाकिस्तान के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से अहम बन गए हैं।



