मोबाइल फोन की बढ़ती लत बन रही खतरा? विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस पर विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि बदलती जीवनशैली, बढ़ता स्क्रीन टाइम और तकनीकी उपकरणों पर बढ़ती निर्भरता स्वास्थ्य संबंधी कई चुनौतियों को जन्म दे रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार कई घंटों तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, मानसिक तनाव बढ़ सकता है और सिरदर्द जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। हालांकि, मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडियोफ्रीक्वेंसी तरंगों और ब्रेन ट्यूमर के बीच सीधे संबंध को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में अभी भी शोध जारी है और इस विषय पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। हाल के अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में मोबाइल फोन के उपयोग और ब्रेन कैंसर के जोखिम के बीच कोई स्पष्ट संबंध नहीं पाया गया है।
डॉक्टरों का कहना है कि ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षणों में लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, दृष्टि संबंधी समस्याएं, बार-बार उल्टी होना, याददाश्त में कमी और दौरे पड़ना शामिल हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि मोबाइल का उपयोग आवश्यकता के अनुसार करें, लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बचें, पर्याप्त नींद लें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें। उनका मानना है कि जागरूकता और समय पर जांच से ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।



