देहरादून में साइबर सुरक्षा और डिजिटल फॉरेंसिक्स पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, राज्यपाल ने किया संबोधित

देहरादून के यूपीईएस में ‘एडवांसमेंट इन साइबर सिक्योरिटी एंड डिजिटल फॉरेंसिक्स’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश-विदेश के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों और छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक्स, नवीनतम तकनीकी विकास और बदलते साइबर खतरों पर चर्चा की गई।
साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
राज्यपाल ने कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों का स्वरूप भी लगातार बदल रहा है। ऐसे में युवाओं को नई तकनीकों की जानकारी के साथ साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनना जरूरी है।
विशेषज्ञों ने साझा किए शोध और तकनीकी अनुभव
सम्मेलन में साइबर थ्रेट इंटेलिजेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग, डिजिटल फॉरेंसिक्स, पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स सुरक्षा, ब्लॉकचेन, वेब सिक्योरिटी और साइबर घटना प्रबंधन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में शोधकर्ताओं ने अपने शोध और तकनीकी अनुभव भी साझा किए।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में शोध, तकनीकी सहयोग और उद्योग-अकादमिक साझेदारी को बढ़ावा देना तथा तेजी से बदलते साइबर खतरों से निपटने के लिए प्रभावी समाधान तलाशना है।



