उत्तराखंड पहुंचा मानसून, अगले चार दिन भारी बारिश का अलर्ट; भूस्खलन और बाढ़ का बढ़ा खतरा

देहरादून: लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तराखंड में दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले चार दिनों तक भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश के चलते भूस्खलन, चट्टान गिरने, मलबा आने और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा राज्य के अधिकांश हिस्सों तक पहुंच चुकी है और अगले दो से तीन दिनों में पूरे प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। दो जुलाई से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।
एक जुलाई के लिए देहरादून और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। आगामी दिनों में कई पर्वतीय जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने तथा अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी करने तथा बांध, बैराज और जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों को भी हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है।



