धराली आपदा से सबक: गंगोत्री के प्राचीन वैकल्पिक मार्ग को विकसित करने की तैयारी, वन विभाग को भेजा प्रस्ताव

देहरादून। उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई आपदा के बाद उत्तराखंड सरकार ने गंगोत्री धाम के लिए एक वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। आपदा के दौरान मुख्य गंगोत्री मार्ग कई दिनों तक बाधित रहने से मिली चुनौतियों को देखते हुए अब सूखी गांव से जांगला तक के प्राचीन पैदल मार्ग को विकसित करने की योजना पर नए सिरे से काम शुरू किया गया है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव तैयार कर वन विभाग को भेज दिया है। अधिकारियों का मानना है कि इस पुराने मार्ग को विकसित कर वाहन योग्य बनाया जाता है तो भविष्य में किसी भी आपदा या मुख्य मार्ग बंद होने की स्थिति में इसे वैकल्पिक संपर्क मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
बताया जा रहा है कि वर्तमान राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से पहले श्रद्धालु इसी प्राचीन मार्ग से गंगोत्री धाम की यात्रा करते थे। यदि इस मार्ग का विकास होता है तो एक ओर राष्ट्रीय राजमार्ग रहेगा, जबकि दूसरी ओर यह वैकल्पिक मार्ग आपातकालीन परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ यात्रियों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।



