शहीद वारंट अधिकारी बलवंत सिंह के गांव में पसरा मातम, अंतिम विदाई से पहले नम हुईं हर आंख

बागेश्वर। मणिपुर में उग्रवादी हमले में शहीद हुए असम राइफल्स के वारंट अधिकारी बलवंत सिंह खेतवाल के पैतृक गांव में शोक की लहर है। वीर सपूत के सर्वोच्च बलिदान की खबर के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार के साथ-साथ ग्रामीण भी गहरे दुख में डूबे हैं और हर किसी की आंखें अपने लाल की शहादत पर नम हैं।
जानकारी के अनुसार, शहीद बलवंत सिंह का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ उत्तराखंड लाया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग पहुंचे। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरा माहौल गमगीन हो उठा।
ग्रामीणों ने बताया कि बलवंत सिंह बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे। उनकी शहादत पर पूरे क्षेत्र को गर्व है, लेकिन उन्हें खोने का दुख भी उतना ही गहरा है। गांव के लोग उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को हमेशा याद रखेंगे।
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर के उखरूल जिले में सुरक्षा बलों के काफिले पर उग्रवादियों द्वारा किए गए हमले में बलवंत सिंह वीरगति को प्राप्त हुए। देश की रक्षा करते हुए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया, जहां लोगों ने “भारत माता की जय” और “जब तक सूरज चांद रहेगा, बलवंत तेरा नाम रहेगा” के नारों के साथ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।



