RTI में मांगी विकास कार्यों की फाइलें, अधिकारियों ने बताया रिकॉर्ड गायब; सूचना आयोग ने दिए कार्रवाई के आदेश

देहरादून: उत्तराखंड में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख मांगे जाने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने रिकॉर्ड उपलब्ध न होने और फाइलों के गायब होने की जानकारी दी। मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सूचना आयोग ने अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई और पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मामला तब सामने आया जब एक आवेदक ने विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेज और अभिलेख आरटीआई के तहत मांगे। विभाग की ओर से जवाब दिया गया कि संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। सूचना आयोग ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला मानते हुए पूछा कि सरकारी रिकॉर्ड आखिर गायब कैसे हो गया और उसकी सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की गई थी।
आयोग ने निर्देश दिए हैं कि रिकॉर्ड के गायब होने की विस्तृत जांच कराई जाए, जिम्मेदारी तय की जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही विभाग को उपलब्ध अभिलेखों का संरक्षण सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सूचना आयोग ने स्पष्ट किया कि सरकारी अभिलेखों का सुरक्षित रखरखाव प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है। यदि आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना केवल रिकॉर्ड गायब होने के आधार पर उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है। आयोग के निर्देशों के बाद अब विभागीय स्तर पर जांच और आगे की कार्रवाई शुरू होने की संभावना है।



