शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक में चमोली बना प्रदेश का अव्वल जिला, हरिद्वार सबसे पीछे

देहरादून: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी जिला स्तरीय परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) में उत्तराखंड के चमोली जिले ने शिक्षा के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, हरिद्वार जिला प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर रहा। रिपोर्ट में विभिन्न जिलों की स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं, सीखने के परिणाम और प्रशासनिक व्यवस्था का मूल्यांकन किया गया है।
ग्रेडिंग इंडेक्स में जिलों का आकलन कई प्रमुख मानकों पर किया गया है। इनमें छात्रों के लर्निंग आउटकम, विद्यालयों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, शिक्षकों की उपलब्धता, समावेशी शिक्षा, स्कूल प्रबंधन और प्रशासनिक दक्षता जैसे पहलुओं को शामिल किया गया। इन सभी मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए चमोली ने राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया।
इसके विपरीत, हरिद्वार जिला शिक्षा गुणवत्ता के विभिन्न मानकों पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका और राज्य में अंतिम स्थान पर रहा। रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि जिले में शिक्षा व्यवस्था के कई क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। शिक्षा विभाग अब रिपोर्ट के आधार पर कमजोर जिलों में विशेष सुधारात्मक कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की रैंकिंग से जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि जिन जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा है, वहां गुणवत्ता सुधार, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी।



