मध्य प्रदेश सरकार का खर्चों पर बड़ा प्रहार, अफसर अपनाएंगे व्हीकल शेयरिंग मॉडल

मध्य प्रदेश सरकार ने बढ़ते राजकोषीय दबाव के बीच सरकारी खर्चों में कटौती के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने सभी विभागों को मितव्ययिता (Austerity) अपनाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अधिकारियों के लिए व्हीकल शेयरिंग मॉडल लागू किया जाएगा, जिससे एक ही सरकारी वाहन का उपयोग कई अधिकारी करेंगे।
नई गाइडलाइन के अनुसार, सरकारी खर्च कम करने के उद्देश्य से विदेश यात्राओं, होटलों में आयोजित बैठकों और नए वाहनों की खरीद पर भी नियंत्रण रखा जाएगा। विभागों को केवल अत्यंत आवश्यक खर्चों की ही अनुमति होगी और अनावश्यक व्यय से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और वित्तीय अनुशासन बनाए रखना है। अधिकारियों को साझा वाहनों के उपयोग के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक खर्चों में भी बचत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि इन उपायों से सरकारी खजाने पर पड़ने वाला बोझ कम होगा और बचाए गए संसाधनों का उपयोग विकास एवं जनकल्याण योजनाओं में किया जा सकेगा। सभी विभागों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है।



