10 साल का इंतजार खत्म: कुल्लू के ग्रामीणों ने खुद बनाया 100 फीट लंबा पुल, फिर बहाल हुई आवाजाही

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में ग्रामीणों ने एकजुटता और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करते हुए वर्षों का इंतजार खत्म कर दिया। करीब 10 वर्षों तक स्थायी पुल का इंतजार करने के बाद ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर लगभग 100 फीट लंबा अस्थायी पुल तैयार कर लिया, जिससे क्षेत्र की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया था। इससे कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया और लोगों को रोजमर्रा के कार्यों, बच्चों की पढ़ाई तथा मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
लंबे समय तक स्थायी समाधान नहीं मिलने पर आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण एकजुट हुए और सामूहिक श्रमदान से लकड़ी व स्थानीय संसाधनों की मदद से लगभग 100 फीट लंबा पुल तैयार किया। पुल बनने के बाद लोगों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई और राहत की स्थिति बनी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से स्थायी पुल की मांग की जा रही थी, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। ऐसे में मजबूरी में ग्रामीणों ने स्वयं पहल कर पुल का निर्माण किया। इस प्रयास की सोशल मीडिया पर भी जमकर सराहना हो रही है और लोग इसे सामुदायिक एकजुटता का प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं।



