उत्तराखंड में डेंगू का बढ़ा खतरा: बदलते मौसम से बढ़ी चिंता, देहरादून के 40 अस्पतालों में 1,662 बेड आरक्षित

देहरादून: उत्तराखंड में बदलते मौसम और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने डेंगू के खतरे को बढ़ा दिया है। संभावित संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। जिले के 40 सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए कुल 1,662 बेड आरक्षित किए गए हैं, जिनमें 1,530 सामान्य और 132 आईसीयू बेड शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस वर्ष मई से अब तक देहरादून जिले में डेंगू के 50 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि नमी और हल्की गर्मी वाला मौजूदा मौसम डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के प्रजनन के लिए बेहद अनुकूल है। यही कारण है कि इस बार सामान्य से पहले ही डेंगू के मामले सामने आने लगे हैं और संक्रमण के आउटब्रेक की आशंका बढ़ गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने एम्स ऋषिकेश, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को डेंगू मरीजों के उपचार के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयों, जांच सुविधाओं और रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ चिकित्सकीय टीमों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के अनुसार, जिले में बंजारावाला, पटेल नगर, क्लेमेंटटाउन, मोथरोवाला, जाखन, मेहूंवाला, लक्खीबाग और माजरा सहित 16 क्षेत्रों को डेंगू हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सर्वे, फॉगिंग और जागरूकता अभियान चला रही हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी और मच्छररोधी उपायों का इस्तेमाल करें। तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की भी सलाह दी गई है।



