उत्तराखंड: शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी का पुनर्गठन, पेयजल और सड़क कार्यों के लिए अब इन्हीं दो विभागों से आएंगे इंजीनियर

देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट ने शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी (यूयूएसडीए) के संरचनात्मक ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था के तहत शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से जुड़े कार्यों के लिए पेयजल विभाग तथा सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) से ही इंजीनियर और अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर लिए जाएंगे।
प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों में एडीबी और ईआईबी के माध्यम से वित्त पोषित परियोजनाओं के तहत सीवरेज और पेयजल से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। वहीं ऋषिकेश में केएफडब्ल्यू से वित्त पोषित परियोजना के तहत सड़क निर्माण, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, ई-बस, पेयजल, घाटों के सौंदर्यीकरण, ठोस कचरा प्रबंधन और एलईडी स्क्रीन से संबंधित कार्य प्रस्तावित हैं।
94 अस्थायी पदों का होगा सृजन
परियोजनाओं के बेहतर संचालन के लिए यूयूएसडीए के ढांचे में बदलाव करते हुए 94 अस्थायी यानी निसंवर्गीय पद सृजित किए जाएंगे। इनमें संबंधित परियोजनाओं की जरूरत के अनुसार अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी शामिल होंगे।
सरकार ने यह भी तय किया है कि पेयजल और सीवरेज से जुड़े कार्यों के लिए केवल पेयजल विभाग से तथा सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग से अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर लिया जाएगा।
कई नगर निकायों में चल रहे हैं बड़े प्रोजेक्ट
कोटद्वार, चंपावत, टनकपुर, किच्छा, पिथौरागढ़, रुद्रपुर, काशीपुर और सितारगंज में एडीबी और ईआईबी से वित्त पोषित परियोजनाओं के तहत सीवरेज और पेयजल के काम किए जाने हैं। वहीं ऋषिकेश में कई बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को परियोजना के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करने और तकनीकी विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग करने के उद्देश्य से यह पुनर्गठन किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे शहरी विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी और बेहतर समन्वय आएगा।



