देहरादून: जी-20 की तर्ज पर होगा शहर का सौंदर्यीकरण, 15 अक्तूबर तक पूरे होंगे काम; सड़कों की बदलेगी तस्वीर

देहरादून। राजधानी देहरादून को और अधिक सुंदर, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने व्यापक योजना तैयार की है। शहर में जी-20 सम्मेलन के दौरान किए गए सौंदर्यीकरण की तर्ज पर विभिन्न कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों को पूरा करने के लिए 15 अक्तूबर तक की समयसीमा तय की गई है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर के सौंदर्यीकरण और लंबित विकास योजनाओं को लेकर कार्ययोजना तैयार की गई। अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क, डिवाइडर और चौराहों का होगा कायाकल्प
शहर के प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण स्थलों को जी-20 आयोजन के दौरान किए गए सौंदर्यीकरण की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके तहत सड़कों को दुरुस्त करने के साथ डिवाइडरों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाया जाएगा।
सौंदर्यीकरण के दौरान हरियाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय संस्कृति और देहरादून की पहचान को विकास कार्यों में प्रमुखता देने की योजना है।
सिटी पार्क और पिंक टॉयलेट पर जोर
शहर में सिटी पार्क विकसित करने के साथ महिलाओं की सुविधा के लिए पिंक टॉयलेट की संख्या और उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। विकास प्राधिकरण क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सभी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में इसी माह से सौंदर्यीकरण कार्य शुरू करने और 15 अक्तूबर तक इन्हें पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
अवैध निर्माण पर ड्रोन-सैटेलाइट से नजर
एमडीडीए क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। जीआईएस, ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से निर्माण गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। इससे अनधिकृत निर्माण की शुरुआती स्तर पर पहचान कर समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
केवल नक्शे पास करने तक सीमित नहीं होगी भूमिका
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि विकास प्राधिकरणों की भूमिका केवल भवनों के नक्शे पास करने या निर्माण संबंधी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शहर के समग्र विकास में सड़क, पार्किंग, हरियाली, सार्वजनिक सुविधाओं और सुनियोजित विस्तार को एक साथ लेकर काम करने की जरूरत है।
एमडीडीए ने लंबित मास्टर प्लान और विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ प्रत्येक कार्य के लिए समयसीमा तय करने और अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।



