पौड़ी: भरसार विश्वविद्यालय में कांग्रेस का प्रदर्शन, छात्रा की मौत पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठे सवाल; गोदियाल ने साधा निशाना

पौड़ी। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (भरसार) में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और एक छात्रा की मौत के मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी भरसार विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बीमार छात्रा को समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका और उसे कई अस्पतालों में रेफर किए जाने के बाद अंततः ऋषिकेश एम्स ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
स्थायी चिकित्सक की तैनाती को लेकर सवाल
गणेश गोदियाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में स्थायी चिकित्सक नहीं होने के कारण छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रा को भरसार से पाबौ, पौड़ी, श्रीनगर और फिर ऋषिकेश एम्स तक रेफर करने की स्थिति क्यों बनी, इसका जवाब विश्वविद्यालय प्रशासन को देना होगा।
उन्होंने कहा कि जब विश्वविद्यालय में स्थायी डॉक्टर ही तैनात नहीं है तो केवल किसी एक कर्मचारी पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। विश्वविद्यालय में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत पर निशाना
गोदियाल ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बतौर स्वास्थ्य मंत्री भरसार विश्वविद्यालय में स्थायी डॉक्टर की तैनाती की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक यहां चिकित्सक की स्थायी तैनाती नहीं हो सकी है।
गोदियाल ने इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से फोन पर बातचीत भी की। उनके अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री ने पौड़ी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से बात कर विश्वविद्यालय में डॉक्टर की तैनाती के लिए निर्देश देने की बात कही है।
फार्मासिस्ट की तैनाती की तैयारी
छात्रा की मौत के मामले में विश्वविद्यालय की डिस्पेंसरी के फार्मासिस्ट को निलंबित किया गया है। अब उसकी जगह टिहरी के रानीचौरी स्थित वानिकी परिसर से फार्मासिस्ट को भरसार में तैनात करने की तैयारी की जा रही है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सीपी सती ने बताया कि इस संबंध में पत्र भेजा गया है और जल्द ही फार्मासिस्ट की तैनाती की जाएगी।



