मानसून 2026: हिमाचल में बारिश-भूस्खलन का कहर जारी, 63 सड़कें बंद; 286 लोगों की मौत, नुकसान 1550 करोड़ के पार

हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश और भूस्खलन से हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 10 सितंबर सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 63 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 33 सड़कें बंद हैं।
जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक मंडी में 33, कुल्लू में 11, कांगड़ा में 10, सिरमौर और ऊना में तीन-तीन, शिमला में दो और लाहौल-स्पीति में एक सड़क बंद है। इसके अलावा शिमला में दो बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) और दो पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मानसून में 286 लोगों की मौत
राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की 30 जून से 9 सितंबर 2026 तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में 286 लोगों की मौत हुई है। इनमें 114 मौतें आपदा से जुड़ी घटनाओं में हुईं, जबकि 172 लोगों की जान सड़क हादसों में गई। इस दौरान 513 लोग घायल हुए और 1,144 पशुओं की भी मौत हुई।
आपदा से हुई 114 मौतों में भूस्खलन से 18, डूबने से 15, सांप के काटने से 12, करंट लगने से 10 और पेड़ या खड़ी चट्टान से गिरने से 39 मौतें शामिल हैं।
1550 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
बारिश और मानसून से निजी एवं सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का आंकड़ा 1,55,032.82 लाख रुपये यानी करीब 1,550.33 करोड़ रुपये पहुंच गया है। सड़कें बंद होने और सार्वजनिक सुविधाओं के प्रभावित रहने से कई इलाकों में सामान्य जनजीवन और यातायात व्यवस्था पर असर पड़ा है।
मंडी, कुल्लू और कांगड़ा सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल हैं। प्रशासन के सामने बंद सड़कों को खोलकर यातायात बहाल करना और प्रभावित बिजली-पानी की सेवाओं को सामान्य करना बड़ी चुनौती बनी हुई है।



