म्यांमार के एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला: उड़ानों पर पड़ा असर, विद्रोही गुटों पर शक

म्यांमार में एक एयरपोर्ट को ड्रोन हमले का निशाना बनाए जाने के बाद उड़ान सेवाएं प्रभावित होने की खबर सामने आई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले के पीछे देश में सक्रिय विद्रोही गुटों का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है।
घटना के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई और एहतियात के तौर पर उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा। सुरक्षा एजेंसियां हमले के तरीके और इसमें इस्तेमाल किए गए ड्रोन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही हैं।
म्यांमार में सैन्य शासन और विद्रोही संगठनों के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। ऐसे में हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों के आसपास ड्रोन हमलों की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
इस बीच, भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक अलग जांच में सात विदेशी नागरिकों पर म्यांमार स्थित सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्ध, ड्रोन संचालन, असेंबली और जैमिंग तकनीक की ट्रेनिंग देने का आरोप लगाया गया है। इनमें छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। हालांकि, NIA की जांच में भारत विरोधी गतिविधियों में उनकी संलिप्तता का अब तक कोई निर्णायक सबूत नहीं मिला है।
म्यांमार में ड्रोन तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल वहां जारी संघर्ष और सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चुनौतियां पैदा कर रहा है।



