पराली जलाने पर सख्ती: खेत 15 महीने तक ‘रेड कैटेगरी’ में रहेंगे, 30 हजार रुपये तक पर्यावरणीय मुआवजे का प्रस्ताव

पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने नए नियमों का ड्राफ्ट प्रस्तावित किया है। इसके तहत दिल्ली के साथ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जिस खेत में पराली जलाने की घटना सामने आएगी, उसे 15 महीने तक ‘रेड कैटेगरी’ में रखा जा सकता है।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, अगर उसी जमीन पर दोबारा पराली जलाने की घटना होती है या लगाया गया पर्यावरणीय मुआवजा समय पर जमा नहीं किया जाता, तो ‘रेड एंट्री’ की अवधि अगले 15 महीने के लिए बढ़ सकती है। हालांकि, इस श्रेणी में शामिल किए जाने के सभी प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं किए गए हैं।
पराली जलाने पर जमीन के आकार के आधार पर पर्यावरणीय मुआवजा तय किया गया है। दो एकड़ से कम जमीन पर 5,000 रुपये, दो से पांच एकड़ तक 10,000 रुपये और पांच एकड़ से अधिक जमीन पर 30,000 रुपये का मुआवजा प्रस्तावित है।
वसूली गई राशि का इस्तेमाल फसल विविधीकरण, बायोमास के उपयोग और भंडारण ढांचे, फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े शोध तथा संबंधित तकनीकों को बढ़ावा देने में किया जाएगा। सरकार ने ड्राफ्ट नियमों पर संबंधित पक्षों से 60 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।



