उत्तराखंड: कैंपा के 104 करोड़ में से अब तक सिर्फ 21% खर्च, वन प्रभागों के सामने बजट उपयोग की चुनौती

देहरादून। प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैंपा) के तहत उत्तराखंड के वन प्रभागों को जारी 104 करोड़ रुपये के बजट का अब तक सिर्फ 21 प्रतिशत ही खर्च हो पाया है। 31 अगस्त तक जारी राशि में से करीब 79 प्रतिशत बजट खर्च होना बाकी है।
इस वित्तीय वर्ष में कैंपा के तहत उत्तराखंड के लिए कुल 339 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इसमें से पहले चरण में 104 करोड़ रुपये जारी किए गए। सबसे अधिक 24 करोड़ 41 लाख रुपये नरेंद्रनगर वन प्रभाग को मिले हैं, लेकिन वहां अब तक करीब 2 करोड़ 90 लाख रुपये ही खर्च हुए हैं।
देहरादून वन प्रभाग को 23 करोड़ 26 लाख रुपये जारी किए गए, जिसमें से 11 करोड़ 28 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं, कई अन्य वन प्रभागों में जारी बजट का केवल 8 से 12 प्रतिशत तक ही उपयोग हो पाया है।
नरेंद्रनगर को सबसे अधिक बजट
कैंपा अधिकारियों के अनुसार, नरेंद्रनगर वन प्रभाग को अधिक बजट कैचमेंट प्लान के तहत होने वाले कार्यों के लिए दिया गया है। इन कार्यों में बारिश के पानी के साथ मिट्टी के बहाव को रोकना और मिट्टी को नदियों व जलाशयों में जाने से रोकने के उपाय शामिल हैं।
छह महीने में खर्च करनी होगी बड़ी राशि
कैंपा के 104 करोड़ रुपये में से 31 अगस्त तक केवल 21 प्रतिशत खर्च हुआ है। इसी बीच केंद्रीय मंत्रालय से 207 करोड़ रुपये और मिल चुके हैं, जिन्हें वन प्रभागों को जारी किया जाना है। ऐसे में अगले छह महीनों में बड़ी राशि का उपयोग करना विभाग के सामने चुनौती होगी। अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के कारण कई कार्य प्रभावित हुए हैं और मौसम खुलने के बाद काम में तेजी लाई जाएगी।



