देहरादून: प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े में पहली बड़ी कार्रवाई, दो लेखपाल निलंबित

देहरादून: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों के फर्जी प्रमाणपत्रों से जुड़े मामले में जिला प्रशासन ने पहली बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर तहसील सदर के दो लेखपाल जगदीश राठौर और डिंपल को निलंबित कर दिया गया है।
जांच में प्रथम दृष्टया दोनों लेखपालों की ओर से प्रमाणपत्रों के आवेदन के सत्यापन में लापरवाही सामने आई है। बताया गया है कि संबंधित छात्राओं के प्रमाणपत्रों के दस्तावेजों के सत्यापन की जिम्मेदारी इन्हीं लेखपालों पर थी। प्रशासनिक जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
यह मामला फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए एमबीबीएस दाखिले से जुड़ा है। प्रकरण सामने आने के बाद पुलिस ने दो थानों में प्राथमिकी दर्ज की थी और अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन ने सीडीओ के नेतृत्व में संयुक्त समिति गठित की है, जबकि पुलिस की एसआईटी भी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
जिलाधिकारी ने कहा है कि जांच में जिस भी स्तर पर लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रमाणपत्रों से जुड़े दस्तावेजों की जांच का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है।
वहीं, लेखपाल संघ ने निलंबन की कार्रवाई का विरोध करते हुए 25 सितंबर से प्रमाणपत्र संबंधी कार्यों के बहिष्कार का निर्णय लिया है। संघ का कहना है कि लेखपाल आवेदकों की ओर से ऑनलाइन अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन करते हैं और कूटरचित दस्तावेजों की पहचान करना हमेशा संभव नहीं होता।



