
रांची: चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने करीब 29 साल पहले जब्त किए गए 1 करोड़ 33 लाख 60 हजार रुपये झारखंड सरकार के खाते में जमा कराने का आदेश दिया है। यह राशि चारा घोटाले के सरकारी गवाह दीपेश चांडक के ठिकानों से जनवरी 1997 में जब्त की गई थी। अदालत के आदेश के बाद अब यह रकम राज्य सरकार के खजाने में जमा होगी।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत ने इस मामले में राशि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान दीपेश चांडक ने जब्त रकम पर कोई दावा नहीं किया। इसके बाद अदालत ने पूरी राशि झारखंड सरकार को देने का आदेश पारित किया।
जांच के दौरान सीबीआई ने 7 और 10 जनवरी 1997 को दीपेश चांडक के ठिकानों पर छापेमारी कर यह रकम बरामद की थी। चारा घोटाले के एक मामले में उन पर वर्ष 1981 से 1994 के बीच फर्जी दस्तावेजों और बिलों के जरिए तत्कालीन बिहार के विभिन्न कोषागारों से अवैध निकासी से जुड़े आरोप थे। जब्त रकम को बाद में अदालत के आदेश पर बैंक खाते में जमा कराया गया था।
एक अन्य मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने प्रमोद कुमार धानुका को 9 लाख 64 हजार 410 रुपये वापस करने का निर्देश दिया है। यह रकम 12 जुलाई 2017 को सीबीआई की छापेमारी के दौरान जब्त की गई थी। धानुका ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि वह संबंधित मामले में आरोपी नहीं हैं और जब्त रकम वैध स्रोत से प्राप्त हुई थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्धारित शर्तों के तहत रकम जारी करने का आदेश दिया। इसके लिए क्षतिपूर्ति बांड और दो जमानतदार प्रस्तुत करने होंगे।



