
उत्तराखंड में गांधी जयंती की छुट्टियों और लंबे वीकेंड के चलते प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मसूरी, ऋषिकेश, नैनीताल और कैंची धाम में बड़ी संख्या में सैलानियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।
मसूरी में शुक्रवार से ही पर्यटक वाहनों का दबाव बढ़ने लगा था। शनिवार को किंक्रेग, लाइब्रेरी चौक, गांधी चौक और मसूरी-देहरादून मार्ग समेत कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान जाम में एंबुलेंस भी फंस गई। पर्यटकों को होटल में कमरे मिलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नैनीताल में भी लंबे वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। शहर और आसपास के मार्गों पर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। पार्किंग स्थल भरने के बाद यातायात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाहनों को रोककर बारी-बारी से प्रवेश देना पड़ा। कई पर्यटकों को होटल और गेस्ट हाउस में कमरे तलाशने में परेशानी हुई।
कैंची धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण भीमताल से मंदिर तक जाम लगा रहा। वहीं, ऋषिकेश में नेपाली फार्म से नीरगड्ड तक का सफर पूरा करने में करीब ढाई घंटे लगे। बदरीनाथ हाईवे पर ज्योतिर्मठ से विष्णुप्रयाग के बीच भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
लंबे वीकेंड के दौरान पर्यटकों की भारी आमद से पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिला, लेकिन दूसरी ओर यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया। पुलिस ने भीड़ को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त व्यवस्था की और जरूरत के अनुसार वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा।



