
उत्तराखंड कैबिनेट ने वर्ग-तीन और वर्ग-चार की भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इससे नैनीताल के लालकुआं और देहरादून के परगना जौनसार-बावर क्षेत्र में हजारों लोगों को लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
कैबिनेट ने लालकुआं नगर पंचायत में संबंधित पट्टेदारों और कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने तथा जौनसार-बावर में वर्ग-चार की भूमि के विनियमितीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। संबंधित भूमि का विनियमितीकरण एक वर्ष तक 2004 के सर्किल रेट के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद प्रक्रिया मौजूदा सर्किल रेट के अनुसार होगी।
राजस्व विभाग के अनुसार, भूमिधरी अधिकार देने की प्रक्रिया वर्ष 2016 से 2022 तक चली थी, लेकिन बाद में आगे नहीं बढ़ सकी। अब कैबिनेट के फैसले से इसे दोबारा पूरा करने का रास्ता खुल गया है। संबंधित लोगों को एक वर्ष तक 2004 के सर्किल रेट के आधार पर निर्धारित राशि जमा करनी होगी।
इसके साथ ही कैबिनेट ने उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली, 1952) में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इससे भूमिधरी और भूमि संबंधी मामलों की प्रक्रिया को राज्य के अनुसार व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।



