उत्तराखंड: ग्लेशियर नहीं पिघलने से बिजली उत्पादन प्रभावित, यूजेवीएनएल के सामने बढ़ी चुनौती

उत्तराखंड में लगातार ठंडे मौसम और ग्लेशियरों के अपेक्षित रूप से नहीं पिघलने के कारण जलविद्युत उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) को इस बार मई महीने में भी बिजली उत्पादन बढ़ाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
आमतौर पर गर्मियों के दौरान ग्लेशियर पिघलने से नदियों का जलस्तर बढ़ता है और जलविद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन तेज हो जाता है। लेकिन इस वर्ष मई तक कई पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और ठंड का असर बना हुआ है, जिससे नदियों में जल प्रवाह सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, जिन दिनों में यूजेवीएनएल का उत्पादन सामान्य तौर पर 1.9 से 2.2 करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच जाता है, वहां फिलहाल उत्पादन 1.2 से 1.3 करोड़ यूनिट के आसपास बना हुआ है। पिछले महीने तापमान में हल्की बढ़ोतरी के दौरान उत्पादन कुछ समय के लिए 1.5 करोड़ यूनिट तक पहुंचा था।
यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एके सिंह ने कहा कि पहाड़ों में अब भी ठंडा मौसम बना हुआ है, जिसके कारण नदियों का जलस्तर नहीं बढ़ पा रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि 15 मई के बाद तापमान बढ़ने पर बिजली उत्पादन में सुधार हो सकता है।
इधर, राज्य में बिजली मांग और उपलब्धता के बीच अंतर पहले से ही चिंता का विषय बना हुआ है। हाल ही में यूपीसीएल ने बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार से अतिरिक्त 150 मेगावाट बिजली की मांग भी की थी।



