
देहरादून में बढ़ती महंगाई का असर अब आम लोगों की थाली तक पहुंच गया है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों के कारण ढाबों, होटलों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़े हैं।
गैस संकट के चलते कई ढाबों और छोटे खाने-पीने के प्रतिष्ठानों में पहले की तरह तवे पर बनने वाली रोटियां मिलना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर अब तंदूरी रोटी से काम चलाया जा रहा है, जबकि कुछ दुकानदारों ने मेन्यू भी सीमित कर दिया है।
दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति में कमी के कारण लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में चाय, नाश्ते और खाने की कीमतों में इजाफा करना पड़ रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर है कि कई छोटे व्यापारी गैस की जगह लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल करने लगे हैं, जबकि कुछ को अस्थायी रूप से अपना कारोबार बंद करना पड़ा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर सीधे स्थानीय बाजारों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।



