ईरान युद्ध पर ब्रिटेन का बड़ा रुख: पीएम कीर स्टार्मर ने ट्रंप को किया साफ इनकार, राष्ट्रीय हित को बताया सर्वोपरि

ईरान और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने बड़ा और सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि ब्रिटेन अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अभियान का हिस्सा नहीं बनेगा। स्टार्मर ने दो टूक कहा, “यह हमारी लड़ाई नहीं है”, और ब्रिटेन किसी ऐसे आक्रामक युद्ध में शामिल नहीं होगा जो उसके राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हो।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सहयोगी देशों से समर्थन की अपील के बावजूद ब्रिटेन ने अपनी सेना को ईरान के खिलाफ सीधे युद्ध में भेजने से इनकार कर दिया। हालांकि, साइप्रस स्थित आरएएफ अक्रोतिरी सैन्य ठिकाने के सीमित इस्तेमाल की अनुमति दी गई है, लेकिन केवल रक्षात्मक उद्देश्यों—जैसे मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्शन—के लिए।
स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन इराक युद्ध जैसी पिछली गलतियों को दोहराना नहीं चाहता और इस समय देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और ऊर्जा हितों की रक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य और स्वेज नहर जैसे समुद्री मार्गों में किसी भी बाधा का सीधा असर ब्रिटेन में तेल कीमतों और महंगाई पर पड़ सकता है।
ब्रिटेन के इस फैसले को ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ा कूटनीतिक झटका माना जा रहा है। साथ ही, यह संकेत भी है कि लंदन अब पश्चिम एशिया संकट में सैन्य दखल के बजाय कूटनीतिक समाधान और राष्ट्रीय आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता देना चाहता है।


