
कोयंबटूर/तमिलनाडु: Rithika Sri ने क्रिकेट की दुनिया में इतिहास रचते हुए तमिलनाडु की पहली ट्रांसजेंडर अंपायर बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी यह उपलब्धि सिर्फ खेल जगत ही नहीं, बल्कि समाज में बदलाव की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
31 वर्षीय ऋतिका श्री का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने पहले आईटी क्षेत्र में काम किया, लेकिन लॉकडाउन के दौरान नौकरी चली गई। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट अंपायर बनने का सपना पूरा करने के लिए संघर्ष शुरू किया।
शुरुआत में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एक मैच में अंपायरिंग के लिए पहुंचने पर उन्हें मैदान में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया और सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया। बावजूद इसके, उन्होंने हार नहीं मानी और अपने अधिकार के लिए डटकर खड़ी रहीं।
ऋतिका ने सलेम और नामक्कल में 300 से अधिक मैचों में अंपायरिंग कर अपने अनुभव और काबिलियत साबित की। हालांकि, ट्रांसजेंडर पहचान के कारण उन्हें सिस्टम में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि पहले मैच अधिकारियों में “तीसरे लिंग” की कोई व्यवस्था नहीं थी।



