
हरिद्वार में अर्धकुंभ 2027 की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सुरक्षित स्नान व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अपर गंगा नहर पर चार नए गंगा घाट बनाए जाएंगे। इन घाटों के निर्माण पर 13.21 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, और सिंचाई विभाग ने इसे अगले आठ महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
प्रशासन के अनुसार, इन नए घाटों के बनने से अर्धकुंभ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्नान, पूजा-अर्चना और आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। खासतौर पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए घाटों की चौड़ाई, सीढ़ियां और बैरिकेडिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
हरिद्वार में 2027 अर्धकुंभ को लेकर पहले से ही कई स्थायी और अस्थायी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। नए घाटों को इस व्यापक मास्टर प्लान का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों पर भीड़ का दबाव कम किया जा सके।
धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नए घाट बनने से श्रद्धालुओं के अनुभव में सुधार होगा और हरिद्वार की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूती मिलेगी।



