रुद्रपुर में ट्रेन हादसे के बाद बवाल: कंपनी गेट पर शव रखकर 3 घंटे प्रदर्शन, बेटे को नौकरी के आश्वासन पर माने परिजन

ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में ट्रेन हादसे में श्रमिक की मौत के बाद कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर आक्रोश देखने को मिला। गुस्साए परिजनों और श्रमिकों ने कंपनी गेट के बाहर शव रखकर करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। मामला बढ़ने पर भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पहुंचकर प्रबंधन से वार्ता की।
मृतक की पहचान इंदिरा कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय सुरेश प्रसाद के रूप में हुई, जो सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत थे। परिजनों का आरोप है कि सुरेश पिछले चार दिनों से बीमार थे, फिर भी कंपनी ने उन्हें पहले वापस भेज दिया और बाद में दोबारा बुलाया। इसी दौरान दोबारा कंपनी जाते समय वह संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन और कामगार शव को कंपनी गेट पर ले आए और मृतक के बेटे को नियमित नौकरी तथा 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कई बार कंपनी परिसर में घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस-पीएसी ने उन्हें रोक दिया।
काफी देर चली बातचीत के बाद कंपनी प्रबंधन ने मृतक के बेटे को शैक्षिक योग्यता के आधार पर नौकरी और अन्य पॉलिसी सुविधाएं देने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन और श्रमिक शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।



