उत्तराखंड

जनगणना 2027: हॉस्टल, पीजी और किराये के मकानों का रिकॉर्ड अब मालिक के नाम पर दर्ज होगा

Listen to this News

उत्तराखंड में जनगणना 2027 के तहत इस बार भवन सूचीकरण और आवासीय गणना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब हॉस्टल, पीजी (पेइंग गेस्ट) और किराये के मकानों का रिकॉर्ड संबंधित भवन मालिक के नाम पर दर्ज किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, जनगणना के पहले चरण में मकानों और आवासीय इकाइयों से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है, जिसमें स्वामित्व और उपयोग की स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा।

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संपत्ति का वास्तविक स्वामित्व रिकॉर्ड में सही तरीके से दर्ज हो और भविष्य की योजनाओं व नीतियों के लिए सटीक डेटा उपलब्ध हो सके।

राज्य में 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा दी गई है, जबकि 25 अप्रैल से 24 मई तक जनगणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

इस दौरान मकानों की स्थिति, सुविधाएं और उपयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी। साथ ही, डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रह की प्रक्रिया को भी पहली बार व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि इस कदम से शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे किराये और पीजी मॉडल की सही तस्वीर सामने आएगी, जिससे बेहतर योजना निर्माण में मदद मिलेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button