केंद्र का बड़ा प्रस्ताव: E85 और E100 ईंधन के लिए नए वाहन नियम, पेट्रोल पर निर्भरता घटाने की तैयारी

केंद्र सरकार ने वाहनों के लिए नए ईंधन नियमों का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत E85 और E100 जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रित ईंधनों के उपयोग को अनुमति देने की योजना है। यह कदम देश की पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने और स्वदेशी ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी ड्राफ्ट नियमों में E85 (85% इथेनॉल + 15% पेट्रोल) और E100 (लगभग शुद्ध इथेनॉल) को औपचारिक रूप से शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। इन नियमों पर फिलहाल आम जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
सरकार पहले ही 2025 तक E20 (20% इथेनॉल मिश्रण) का लक्ष्य हासिल कर चुकी है और अब इससे आगे बढ़ते हुए अधिक इथेनॉल उपयोग की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर खर्च को कम करना और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देना है।
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर ऑटोमोबाइल कंपनियों ने कुछ चिंताएं भी जताई हैं। उनका कहना है कि उच्च इथेनॉल मिश्रण के लिए वाहनों में तकनीकी बदलाव की जरूरत होगी और पुराने वाहनों पर इसका असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हरित ईंधन नीति की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, लेकिन इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, वाहन तकनीक और उपभोक्ता जागरूकता पर भी समान रूप से काम करना होगा।



