चमोली: सड़क न होने से बीमार बुजुर्ग को स्ट्रेचर पर आठ किमी पैदल ले गए ग्रामीण, फिर उठा सड़क निर्माण का मुद्दा

उत्तराखंड के चमोली जिले के देवाल ब्लॉक स्थित पिनाऊं गांव में सड़क सुविधा के अभाव ने एक बार फिर ग्रामीणों की परेशानियां उजागर कर दी हैं। गांव के 68 वर्षीय केशर सिंह दानू की तबीयत अचानक बिगड़ने पर ग्रामीणों को उन्हें स्ट्रेचर के सहारे करीब आठ किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाना पड़ा, जिसके बाद निजी वाहन से अस्पताल ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि पिनाऊं गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। ग्रामीणों का कहना है कि बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए अक्सर डंडी या स्ट्रेचर का सहारा लेना पड़ता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धुराधारकोट-वांक-पिनाऊं सड़क परियोजना वर्षों पहले स्वीकृत होने के बावजूद अब तक पूरी नहीं हो सकी है। वर्ष 2016 और 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्रियों द्वारा सड़क निर्माण की घोषणा भी की गई थी, लेकिन जमीन पर काम शुरू नहीं हो पाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क न होने के कारण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार मरीजों को घंटों पैदल ढोकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।
वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि सड़क परियोजना से जुड़ी वन भूमि संबंधी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।



