प्राकृतिक आपदा राहत क्या है? RBI ने बैंकों को उधारकर्ताओं को राहत देने की दी अनुमति, जानें पूरी व्यवस्था

नई दिल्ली: Reserve Bank of India (RBI) ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के लिए बड़ा कदम उठाते हुए बैंकों और वित्तीय संस्थानों को उधारकर्ताओं को राहत देने की अनुमति दी है।
दरअसल, “प्राकृतिक आपदा राहत” एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत बाढ़, भूकंप, चक्रवात या अन्य आपदाओं से प्रभावित लोगों को लोन चुकाने में राहत दी जाती है। RBI के नए ढांचे का उद्देश्य ऐसे समय में आर्थिक बोझ कम करना और लोगों को वित्तीय सहारा देना है।
नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अब बैंक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बिना किसी आवेदन का इंतजार किए खुद ही राहत दे सकेंगे। इसमें लोन की किस्तों को टालना (मोराटोरियम), पुनर्गठन (रिस्ट्रक्चरिंग) और भुगतान अवधि बढ़ाना जैसे कदम शामिल हैं।
इस व्यवस्था के तहत केवल वही उधारकर्ता पात्र होंगे, जिनका लोन खाता पहले से ठीक स्थिति (स्टैंडर्ड) में था और जो 30 दिनों से ज्यादा डिफॉल्ट में नहीं थे।
RBI ने इस पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाने के लिए एक “कैलैमिटी फ्रेमवर्क” भी तैयार किया है, जिससे राहत तुरंत और बिना देरी के मिल सके।



