उत्तराखंड में बढ़ा वनाग्नि का खतरा, 331 हेक्टेयर से अधिक वन संपदा हुई प्रभावित

उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बीच जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। वन विभाग के अनुसार इस सीजन में राज्यभर में वनाग्नि की सैकड़ों घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 331 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र और वन संपदा प्रभावित हुई है।
जानकारी के मुताबिक, बढ़ते तापमान, सूखे मौसम और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही है। पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे कई वन क्षेत्र सबसे ज्यादा संवेदनशील बने हुए हैं। कई स्थानों पर चीड़ के जंगलों में आग भड़कने से जैव विविधता और वन्यजीवों को भी नुकसान पहुंचा है।
वन विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी हैं। संवेदनशील इलाकों में क्विक रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया है और ड्रोन व निगरानी तंत्र की मदद से हालात पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मानव लापरवाही और सूखे हालात वनाग्नि की बड़ी वजह बन रहे हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है, जिससे आग की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। वहीं प्रशासन ने लोगों से जंगलों में आग जलाने, जलती वस्तुएं फेंकने और लापरवाही से बचने की अपील की है।



