उत्तराखंड

चारधाम यात्रा में घोड़ा-खच्चर संचालन के लिए नई SOP जारी, मारपीट और तेज दौड़ाने पर सख्त रोक

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उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालन को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। नई गाइडलाइन के तहत घोड़ा-खच्चरों को पीटने, अधिक भार लादने और तेज गति से दौड़ाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यात्रा मार्ग पर संचालकों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घोड़ा-खच्चर संचालकों के लिए पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है।

नई SOP के तहत यात्रा मार्ग पर बिना पंजीकरण वाले घोड़ा-खच्चरों की एंट्री पर रोक लगाई गई है। साथ ही प्रशासन ने पशुओं के बीमा और उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है।

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, अनुशासन और पशु कल्याण बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने संचालकों और श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील की है।

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