उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में तीन साल से अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं, भर्तियां अटकीं

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) में पिछले तीन वर्षों से अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। आयोग में लंबे समय से खाली पदों के चलते पीसीएस समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं में देरी हो रही है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, आयोग के नियमों में बदलाव किए जाने के बावजूद अब तक स्थायी अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। आयोग की कार्यप्रणाली सीमित संसाधनों और अस्थायी व्यवस्था के सहारे चल रही है, जिसका सीधा असर भर्ती प्रक्रिया की गति पर पड़ रहा है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार भर्ती परीक्षाओं में देरी होने से युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। कई उम्मीदवार लंबे समय से विज्ञप्तियों और परीक्षा तिथियों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
संविधान के अनुच्छेद 315 और 316 के तहत राज्य लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। आयोग राज्य की प्रमुख भर्ती एजेंसी है, जो विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्तियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करता है।



