बिथ्याणी कॉलेज में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों पर कार्रवाई, असिस्टेंट प्रोफेसर सेवा से बर्खास्त

उत्तराखंड के राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी (यमकेश्वर) में तैनात एक असिस्टेंट प्रोफेसर को फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने यह सख्त कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, इतिहास विषय में नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की सत्यता को लेकर शिकायत मिलने पर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान प्रस्तुत बीए की अंकतालिकाओं और अन्य शैक्षणिक अभिलेखों में गंभीर विसंगतियां सामने आईं। संबंधित विश्वविद्यालय से सत्यापन कराने पर दस्तावेज आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए।
विभागीय अधिकारियों ने आरोपी प्रोफेसर को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।
उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।



