हरिद्वार में गंगा बनी जानलेवा: एक महीने में 10 से अधिक लोगों की डूबने से मौत

उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा नदी में डूबने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले एक महीने के भीतर गंगा में डूबने से 10 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। गर्मी और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक हरिद्वार पहुंच रहे हैं, लेकिन लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी हादसों की बड़ी वजह बन रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकांश हादसे उन क्षेत्रों में हुए जहां तेज बहाव के बावजूद लोग गंगा में गहराई तक उतर गए। कई लोग सेल्फी लेने, नहाने या बहाव वाले हिस्सों में जाने के दौरान हादसे का शिकार हुए। कुछ मामलों में चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी भी सामने आई है।
जल पुलिस, SDRF और स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों को सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं। संवेदनशील घाटों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है और कई जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि गंगा का जलस्तर और बहाव कई स्थानों पर बेहद तेज है, जिससे थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से निर्धारित घाटों पर ही स्नान करने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
हरिद्वार में लगातार बढ़ रही डूबने की घटनाओं ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता अभियान को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।



