ऋषिकेश में बढ़ता अपराध बना चिंता का विषय, जनवरी से अब तक 230 एफआईआर दर्ज

योग नगरी और आध्यात्मिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाला ऋषिकेश अब बढ़ते अपराधों को लेकर चर्चा में है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक शहर में करीब 230 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, चोरी, लूट, नशा तस्करी, मारपीट, धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक घटनाओं के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। हाल के महीनों में हुई दो पुलिस मुठभेड़ों ने भी इस बात की ओर संकेत किया है कि अपराधी तत्व ऋषिकेश को अपनी गतिविधियों के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती आबादी, पर्यटकों की संख्या में इजाफा और बाहरी लोगों की आवाजाही के कारण अपराध नियंत्रण पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। वहीं, पुलिस का दावा है कि अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर में गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सीसीटीवी नेटवर्क और खुफिया तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।



