पीएम राहत योजना का लाभ उत्तराखंड में सिर्फ सात घायलों को, आपदा राहत व्यवस्था पर उठे सवाल

देहरादून: उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान गंभीर रूप से घायल लोगों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री राहत योजना (PMNRF) का लाभ अब तक केवल सात घायल व्यक्तियों को ही मिल सका है। यह तथ्य सामने आने के बाद आपदा राहत व्यवस्था और सहायता वितरण प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, राज्य में बीते वर्षों के दौरान भूस्खलन, बादल फटना, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में कई लोग घायल हुए, लेकिन पात्र होने के बावजूद अधिकांश पीड़ितों तक प्रधानमंत्री राहत योजना का लाभ नहीं पहुंच सका। इससे योजना के क्रियान्वयन और लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया पर भी चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि योजना की जानकारी का अभाव, जटिल दस्तावेजी प्रक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण कई पात्र लोग सहायता से वंचित रह जाते हैं। ऐसे मामलों में समय पर आवेदन और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने से भी राहत राशि मिलने में बाधा आती है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने सरकार से राहत योजनाओं को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सहायता समय पर पहुंचनी चाहिए ताकि संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल मिल सके।
प्रशासन का कहना है कि पात्र लाभार्थियों की पहचान और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही भविष्य में अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को प्रधानमंत्री राहत योजना का लाभ दिलाने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।



