आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान के बढ़ते रक्षा बजट पर अमेरिका ने उठाए सवाल

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बढ़ते रक्षा खर्च को लेकर अमेरिका ने चिंता जताई है। आर्थिक संकट, बढ़ते कर्ज और वित्तीय चुनौतियों के बावजूद पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इस खर्च की पारदर्शिता और उस पर संसदीय निगरानी को लेकर सवाल उठाए हैं।
करीब 3 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये का रक्षा बजट
रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान का रक्षा बजट करीब 3 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गया है। अमेरिका का कहना है कि इतने बड़े सैन्य खर्च के बावजूद रक्षा और खुफिया एजेंसियों के बजट पर पर्याप्त नागरिक और संसदीय निगरानी नहीं है।
पारदर्शिता बढ़ाने की मांग
अमेरिकी विदेश विभाग ने पाकिस्तान से रक्षा खर्च और सरकारी कर्ज से जुड़ी वित्तीय जानकारी को अधिक पारदर्शी बनाने की अपील की है। अमेरिका ने यह भी कहा कि सरकार के बजट प्रस्तावों और सार्वजनिक वित्त से जुड़ी जानकारी समय पर जारी की जानी चाहिए, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
आर्थिक चुनौतियों के बीच बढ़ा सैन्य खर्च
पाकिस्तान इस समय धीमी आर्थिक वृद्धि, महंगाई और कर्ज के दबाव जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। इसके बावजूद सरकार ने रक्षा खर्च में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है, जबकि विकास कार्यक्रमों के लिए आवंटन पर दबाव बना हुआ है। इस फैसले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अमेरिका का कहना है कि बेहतर वित्तीय पारदर्शिता और नागरिक निगरानी से पाकिस्तान की शासन व्यवस्था और आर्थिक जवाबदेही मजबूत होगी। फिलहाल पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी चिंताओं पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।



