रामपुर: जौहर यूनिवर्सिटी में छात्रों का डाटा जुटाने पर अधिवक्ता ने ईडी की कार्रवाई का किया विरोध

रामपुर: मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को लेकर चल रही जांच के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। बुधवार को ईडी की टीम ने उत्तर प्रदेश के रामपुर समेत कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई समाजवादी पार्टी नेता आजम खान और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में की जा रही जांच के तहत बताई जा रही है।
इसी दौरान विश्वविद्यालय में छात्रों से जुड़ी जानकारी और डाटा जुटाए जाने को लेकर एक अधिवक्ता ने विरोध जताया। उनका कहना है कि जांच के नाम पर छात्रों की निजी जानकारी एकत्र करने की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने छात्रों के हितों और उनकी निजता का ध्यान रखने की मांग की।
जौहर यूनिवर्सिटी पहले से विवादों में
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पिछले कुछ समय से प्रशासनिक और कानूनी विवादों को लेकर चर्चा में है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने जुलाई में विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को कथित तौर पर बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित बताते हुए उन्हें गिराने का आदेश दिया था। विश्वविद्यालय की ओर से इस कार्रवाई को चुनौती दी गई है।
इसी मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय के छात्र और पूर्व छात्र भी विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय से जुड़े किसी भी फैसले का उनके भविष्य पर सीधा असर पड़ेगा। विश्वविद्यालय में करीब 3,000 विद्यार्थी अध्ययनरत बताए गए हैं।
ईडी की कार्रवाई से बढ़ी हलचल
ईडी ने बुधवार को रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में कुल 10 स्थानों पर तलाशी ली। जांच का संबंध आजम खान और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले से बताया गया है। तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री बरामद हुई, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
इस कार्रवाई के बीच छात्रों का डाटा जुटाए जाने को लेकर उठे विरोध ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। अब निगाहें जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया पर हैं।



