105 साल के बुजुर्ग को सुप्रीम कोर्ट से राहत, उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उम्रकैद की बाकी सजा माफ

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 105 वर्षीय हत्या के दोषी एक बुजुर्ग को बड़ी राहत देते हुए उसकी उम्रकैद की बाकी सजा माफ कर दी है। अदालत ने उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि दोषी की अत्यधिक उम्र और स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए उसे जेल में रखना उचित नहीं होगा। अदालत के इस फैसले के बाद लंबे समय से सजा काट रहे 105 वर्षीय बुजुर्ग की रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
उम्र और स्वास्थ्य को माना अहम आधार
अदालत ने दोषी की उम्र और स्वास्थ्य से जुड़ी परिस्थितियों को राहत देने के प्रमुख आधारों में शामिल किया। कोर्ट ने मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद उम्रकैद की शेष अवधि को माफ करने का फैसला लिया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 105 वर्षीय दोषी को जेल से बाहर आने की अनुमति मिल गई है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अदालतें बुजुर्ग कैदियों की उम्र, स्वास्थ्य और जेल में बिताए गए समय जैसे मानवीय पहलुओं पर भी विचार कर रही हैं।



