नेपाल बाढ़ का असर: काठमांडू-मुक्तिनाथ रूट बंद, भारतीय पर्यटकों की आवाजाही थमी; बीरगंज कस्टम पर सन्नाटा

पूर्वी चंपारण। नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन का असर भारत-नेपाल सीमा पर भी दिखाई दे रहा है। बाढ़ के कारण काठमांडू से मुक्तिनाथ जाने वाला प्रमुख मार्ग बाधित हो गया है, जिससे भारतीय पर्यटकों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है।
नेपाल के रसुवागढ़ी क्षेत्र में आई बाढ़ ने सड़क और अन्य संपर्क मार्गों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसके चलते पर्यटकों के लिए काठमांडू-मुक्तिनाथ रूट पर आवाजाही मुश्किल हो गई है। सीमा क्षेत्र में सामान्य दिनों की तुलना में पर्यटकों की संख्या भी काफी कम हो गई है।
बीरगंज कस्टम पर कम हुई आवाजाही
बाढ़ का असर भारत-नेपाल के बीच होने वाले व्यापार और आवागमन पर भी पड़ा है। बीरगंज कस्टम क्षेत्र में वाहनों और यात्रियों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में कम नजर आ रही है। नेपाल के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीरगंज इमिग्रेशन कार्यालय पर हाल के दिनों में यात्रियों की संख्या में भी उतार-चढ़ाव दर्ज हुआ है।
आपदा से बढ़ी यात्रियों की चिंता
नेपाल के कई हिस्सों में सड़कें क्षतिग्रस्त होने और संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण पर्यटकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है।
नेपाल में जारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण राहत एवं बचाव अभियान भी प्रभावित क्षेत्रों में जारी है। भारत से नेपाल जाने वाले यात्रियों के लिए भी स्थिति सामान्य होने तक सतर्कता बरतना जरूरी बताया जा रहा है।



