महाराष्ट्र के अस्पतालों में मेडिकल उपकरणों की मनमानी कीमतें, ₹11 का IV सेट ₹325 में बेचा गया

FDA के सर्वे में मेडिकल उपकरणों की खरीद कीमत और मरीजों से वसूली जाने वाली कीमत में बड़ा अंतर सामने आया है। तुकाराम मुंडे ने केंद्र सरकार से मूल्य नियंत्रण की मांग की है।
मुंबई। महाराष्ट्र के निजी अस्पतालों में मरीजों से मेडिकल उपकरणों के नाम पर कई गुना अधिक कीमत वसूले जाने का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की प्राइस मॉनिटरिंग रिसोर्स यूनिट के सर्वे में IV सेट, सिरिंज, नेबुलाइजर मास्क किट और कैथेटर की खरीद कीमत और मरीजों से लिए जाने वाले दाम में भारी अंतर पाया गया।
₹11 का IV सेट ₹325 में
सर्वे के अनुसार, करीब ₹11.05 की खरीद कीमत वाला IV सेट मरीजों को ₹325 तक में बेचा जा रहा है। इसी तरह लगभग ₹6.75 की लागत वाली 10 एमएल सिरिंज की कीमत अस्पतालों में ₹57.20 तक वसूली जा रही है। कुछ मेडिकल उपकरणों पर कीमतों में 19 से 29 गुना तक का अंतर पाया गया।
नेबुलाइजर मास्क और कैथेटर भी महंगे
रिपोर्ट में बताया गया है कि ₹40 से ₹45 की लागत वाली नेबुलाइजर मास्क किट के लिए मरीजों से ₹652 से ₹715 तक लिए जा रहे हैं। वहीं करीब ₹29 की लागत वाले कैथेटर को खरीद कीमत से कई गुना अधिक दाम पर बिल किया जा रहा है।
केंद्र से मूल्य नियंत्रण की मांग
महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे ने मेडिकल उपकरणों की कीमतों में इस अंतर को अनुचित बताते हुए केंद्र सरकार के फार्मास्युटिकल विभाग और नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आम इस्तेमाल होने वाले सर्जिकल और मेडिकल उपकरणों को मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाने तथा ट्रेड मार्जिन पर सीमा तय करने की सिफारिश की है।



