नेपाल के चितवन घड़ियाल प्रजनन केंद्र ने बचाई विलुप्ति के कगार पर पहुंची प्रजाति, बिहार की नदियों को भी मिल रही नई जिंदगी

बेतिया। विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुके घड़ियालों के संरक्षण में नेपाल का चितवन घड़ियाल प्रजनन केंद्र उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा है। इस केंद्र में तैयार किए गए घड़ियालों को नेपाल की नदियों के साथ-साथ बिहार की गंडक नदी में भी छोड़ा जा रहा है, जिससे इस संकटग्रस्त प्रजाति के संरक्षण को नई गति मिली है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम चंपारण से होकर गुजरने वाली गंडक नदी अब घड़ियालों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रजनन और आवासीय क्षेत्र के रूप में उभर रही है। संयुक्त संरक्षण प्रयासों के कारण हाल के वर्षों में घड़ियालों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घड़ियाल संरक्षण के लिए सीमापार सहयोग, वैज्ञानिक निगरानी और स्थानीय समुदायों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। घड़ियालों की बढ़ती संख्या न केवल जैव विविधता संरक्षण की सफलता की कहानी है, बल्कि नदी पारिस्थितिकी तंत्र के बेहतर स्वास्थ्य का भी संकेत है।



