उत्तराखंड

आईआईटी रुड़की की बड़ी पहल: कैंसर मरीजों के लिए एआई चुनेगा सुरक्षित दवा, इलाज होगा अधिक सटीक

Listen to this News

कैंसर उपचार के क्षेत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के शोधकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के वैज्ञानिकों ने ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो मरीज की व्यक्तिगत जरूरतों और जैविक विशेषताओं के आधार पर सबसे उपयुक्त और सुरक्षित दवा चुनने में मदद करेगा।

शोधकर्ताओं के अनुसार, कैंसर के उपचार में अक्सर अलग-अलग मरीजों पर दवाओं का प्रभाव अलग होता है। ऐसे में एआई तकनीक मरीज के मेडिकल डेटा और उपचार संबंधी जानकारी का विश्लेषण कर यह अनुमान लगाने में सहायता करेगी कि कौन-सी दवा अधिक प्रभावी और सुरक्षित साबित हो सकती है। इससे उपचार की सफलता दर बढ़ने के साथ-साथ अनावश्यक दुष्प्रभावों को भी कम किया जा सकेगा।

आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर कमल जैन द्वारा विकसित ‘ओम्नीसिंक्स’ (Omnisynx) प्लेटफॉर्म एआई और कम्प्यूटेशनल सर्च तकनीक पर आधारित है। यह प्रणाली दवा खोज और व्यक्तिगत उपचार रणनीति तैयार करने की प्रक्रिया को तेज और अधिक सटीक बनाने में सक्षम बताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी एआई आधारित तकनीकें कैंसर उपचार में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं। इससे डॉक्टरों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी और मरीजों को उनकी स्थिति के अनुरूप व्यक्तिगत उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के बढ़ते उपयोग के बीच आईआईटी रुड़की की यह पहल भारत में प्रिसिजन मेडिसिन और कैंसर रिसर्च को नई दिशा देने वाली उपलब्धि मानी जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button