
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की सैंज घाटी में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण जीवानाला क्षेत्र में झील जैसी स्थिति बन गई है। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिरने से पानी का बहाव प्रभावित हुआ है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने हालात पर नजर रखते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी तेज कर दी है।
बताया जा रहा है कि भूस्खलन के बाद मलबा नदी के मार्ग में जमा हो गया, जिससे अस्थायी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। यदि यह प्राकृतिक अवरोध अचानक टूटता है तो निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आने का खतरा पैदा हो सकता है। इसी आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर हैं।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित करने के साथ-साथ नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञ लगातार भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र और जलभराव की स्थिति का आकलन कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मौसम विभाग ने भी आगामी दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है।



